प्लाज़्मा बॉल में एक स्पष्ट कांच का गोला होता है जो गैस से भरा होता है। जब विद्युत धारा गैस से होकर गुजरती है, तो यह आयनित होकर प्लाज्मा में परिवर्तित हो जाती है। यह आयनित गैस ही गोले के भीतर चमकीला प्रभाव पैदा करती है। प्लाज्मा गोले के भीतर विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का भी अनुसरण करता है, जिसस......
और पढ़ें